देव दीपावली पर दीपदान एवं भजन संध्या के साथ 5100 दीपों से आलोकित होगा सोहसा-दुबौली घाट।
(26 अक्टूबर 2025, रविवार)
देव दीपावली (कार्तिक पूर्णिमा) के अवसर पर अनवरत चौथे वर्ष कुशीनगर जनपद के छोटी गंडक नदी स्थित सोहसा–दुबौली घाट पर 5 नवम्बर 2025, बुधवार को संस्थान के तत्वावधान में जन सहयोग से सांध्यकाल दीपदान एवं भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। शाम 3 बजे से 5:15 बजे तक भजन संध्या तथा 5:15 बजे से 5100 दीपों से दीपदान कार्यक्रम सम्पन्न होगा। इस निमित्त श्रीरामजानकी मंदिर परिसर, दुबौली में बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक ग्राम प्रधान श्री सेवालाल यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी श्री शंकर पटेल, पूर्व शाखा प्रबंधक श्री नरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, श्री सत्यजीत सिंह, श्री राजेश राव, श्री बबलू मिश्र, श्री विवेक राव, श्री कृष्णमोहन, श्री देवानंद गौड़, श्री अनिल यादव, डॉ. पवनेश मणि, श्री सुग्रीव, श्री राम आशीष, श्री हरिओम कुमार, संस्था सचिव डॉ0 हरिओम मिश्र आदि उपस्थित रहे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार देव दीपावली को प्रातःकाल नदी में स्नान, दान और सांध्यकाल में दीपदान का विशेष महत्व है। दीपदान वह पुण्यकर्म है जो अंधकार मिटाकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। इसी श्रद्धा से संस्था ने यह परंपरा आरम्भ की थी कि छोटी गंडक तट स्थित सोहसा घाट को मोक्षधाम का दर्जा मिले और वहाँ अंत्येष्टि सुविधाएँ विकसित हों। साथ ही दुबौली घाट पर पक्का छठ घाट का निर्माण हो, जिसका शिलान्यास हाल ही में सम्पन्न हुआ है। इस वर्ष जब 5100 दीप प्रज्वलित होंगे, तो वे केवल घाट को नहीं अपितु हमारी अपूर्ण प्रार्थना “सोहसा मोक्षधाम निर्माण” को भी प्रकाश देंगे। अतः सभी से आग्रह है आइये इस पावन अवसर पर दीपों से घाट परिसर को आलोकित कर देव दीपावली का पर्व मनाएँ तथा अक्षय पुण्य के भागी बनते हुए दैवीय शक्तियों से घाट के सर्वांगीण विकास की मंगलकामना करें।